Chhattisgarh Rice Export: मंडी शुल्क में छूट एक साल बढ़ी: CM साय

CM Vishnu Deo Sai announces mandi fee exemption for rice exporters in Chhattisgarh

रायपुर। Chhattisgarh Rice Export को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात दी है। India International Rice Summit 2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक वर्ष बढ़ाने की घोषणा की। यह फैसला चावल निर्यातकों के साथ-साथ प्रदेश के किसानों के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जा रहा है।

Rice Exporters को राहत, Mandi Fee Exemption बढ़ी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चावल निर्यातक लंबे समय से Mandi Fee Exemption की मांग कर रहे थे। सरकार ने पिछले वर्ष भी मंडी शुल्क में छूट दी थी, जिसकी अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त हो रही थी। अब इसे एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है, जिससे Chhattisgarh से Rice Export को नई गति मिलेगी।

Organic Rice Demand बढ़ने पर CM का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में Organic Rice Demand in India तेजी से बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में ऑर्गेनिक चावल की खेती की जा रही है, जिसे और प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है। सरकार इस क्षेत्र में किसानों को तकनीकी और विपणन सहयोग देने पर कार्य कर रही है।

APEDA Regional Office का शुभारंभ

India International Rice Summit के दौरान मुख्यमंत्री ने APEDA Regional Office in Chhattisgarh का शुभारंभ भी किया। इससे कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और निर्यातकों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकेंगी।

90 देशों को Rice Export from Chhattisgarh

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ से लगभग 90 देशों को करीब 1 लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। नई Industrial Policy of Chhattisgarh के तहत राइस मिलिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हुई थी और इस वर्ष इसमें और वृद्धि की संभावना है।

Chhattisgarh – The Rice Bowl of India

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को यूं ही “धान का कटोरा” नहीं कहा जाता। यहां हजारों किस्म की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं। सरगुजा अंचल के Jeeraphool Rice और Dubraj Rice देश-विदेश में अपनी सुगंध और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं।

Rice Exhibition का अवलोकन

समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने Rice Exhibition का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने वाले प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचार किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, APEDA Chairman अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग, देशभर से आए राइस मिलर्स, निर्यातक और अन्य स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।

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