अगरतला। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज त्रिपुरा के अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत की। इस दौरे का उद्देश्य केंद्रीय बजट 2026–27 से जुड़े विमर्श तथा राज्य में शहरी एवं अवसंरचना विकास को गति देने संबंधी पहलुओं पर विचार-विमर्श करना है। यह दौरा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की सहकारी संघवाद तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
अगरतला एयरपोर्ट पर आगमन के अवसर पर श्री साहू का भाजपा कार्यकर्ताओं एवं राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया, जो राज्य में चल रही विकासात्मक पहलों के प्रति जनउत्साह को दर्शाता है।
अपने प्रवास के दौरान श्री साहू ने लोक भवन, अगरतला में त्रिपुरा के राज्यपाल श्री नल्लू इंद्रसेन रेड्डी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषयों पर सार्थक एवं दूरदर्शी चर्चा हुई। संवाद के दौरान त्रिपुरा की विकास प्राथमिकताओं, अवसंरचना एवं शहरी परिवर्तन से संबंधित प्रयासों तथा केंद्र–राज्य समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया, ताकि प्रमुख योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
बिशालगढ़ में ‘युवा संवाद’ बिशालगढ़ (जिला सेपाहिजला) में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में श्री साहू ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए केंद्रीय बजट 2026–27 की युवा-केंद्रित दृष्टि को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बजट को अंतिम रूप देने से पूर्व मोदी सरकार ने देशभर के युवाओं से संवाद किया और उनके अनेक सुझावों को बजट में सम्मिलित किया गया है। यह बजट युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है और उन्हें विकसित भारत @2047 के निर्माण में प्रमुख भागीदार बनाने की दिशा में सशक्त कदम है।
श्री साहू ने शिक्षा एवं कौशल विकास से जुड़ी प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाना है। इसके साथ ही औद्योगिक कॉरिडोर के निकट यूनिवर्सिटी टाउन क्लस्टर, टियर-2 एवं टियर-3 शहरों के युवाओं के लिए ‘कॉरपोरेट मित्र’ जैसे अल्पकालिक कौशल कार्यक्रम, 15,000 स्कूलों एवं 500 कॉलेजों में AVGC (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एवं कॉमिक्स) लैब की स्थापना तथा रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना की घोषणा की गई है।
रोजगार के नए अवसरों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आगामी पाँच वर्षों में एक लाख स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा तथा होटल मैनेजमेंट काउंसिल को उन्नत कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा।
पूर्वोत्तर एवं त्रिपुरा के लिए विशेष प्रावधानों का उल्लेख करते हुए श्री साहू ने बताया कि 10,000 जनजातीय विद्यार्थियों के लिए 15 पूर्णतः केन्द्रीय वित्तपोषित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना, ग्रामीण बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने हेतु 700 बालिका छात्रावासों का निर्माण तथा जिलों में छात्रावास सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने उद्यमिता एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अवसरों पर प्रकाश डालते हुए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के अंतर्गत ₹40,000 करोड़ के परिव्यय, SHE-Marts, लखपति दीदी जैसी पहलों का उल्लेख किया, जो महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने कहा कि बजट विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद 2026 की भावना से प्रेरित है, जिसमें नीति निर्माण के केंद्र में युवा हैं।
श्री साहू ने बताया कि पूंजीगत व्यय 2014 में ₹3.92 लाख करोड़ से बढ़कर ₹12.2 लाख करोड़ होने से अवसंरचना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हो रहा है। साथ ही, प्रौद्योगिकी निर्यात में तेज वृद्धि भारत के युवाओं की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाती है। प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से कुशल पेशेवरों की वैश्विक गतिशीलता और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय बजट 2026–27 समावेशी विकास, अवसंरचना विस्तार और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देता है, ताकि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके और त्रिपुरा जैसे राज्यों को राष्ट्रीय पहलों का पूर्ण लाभ मिल सके।
माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, उदयपुर में दर्शन अपने दौरे के दौरान श्री साहू ने उदयपुर स्थित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर—देश के 51 शक्तिपीठों में से एक—में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की तथा पूर्वोत्तर के अष्टलक्ष्मी राज्यों एवं अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ की उन्नति और कल्याण के लिए माता से आशीर्वाद मांगा।
अपने प्रवास के दूसरे दिन श्री साहू महिलाओं, किसानों एवं व्यापारी वर्ग से संवाद कर केंद्रीय बजट 2026–27 और विभिन्न सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभों एवं अवसरों पर चर्चा करेंगे।

