परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयकों पर संसद में गर्म बहस, भाजपा सांसदों का बयान

arjun meghwal in parliament

नई दिल्ली। आज संसद में परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर गहन चर्चा शुरू हो गई। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयकों पर चर्चा की शुरुआत की। चर्चा से पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि पूरी चर्चा के बाद ही कानून और संविधान में किसी भी तरह का संशोधन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना में जाति के पहलू पर कोई भी संशोधन पारदर्शिता से किया जाएगा। वहीं, भाजपा के सांसदों ने भी अपनी राय दी, जिनमें भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या का बयान प्रमुख रहा।

भा.ज.पा. सांसद तेजस्वी सूर्या का बयान: “40 साल से इस दिन का इंतजार था”

भा.ज.पा. सांसद तेजस्वी सूर्या ने चर्चा में भाग लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों का समर्थन किया। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां बिना किसी ठोस आधार के जनता को गुमराह कर रही हैं। सूर्या ने संविधान में संशोधन को समय की मांग बताया और कहा कि “देश 40 साल से ऐसे अवसर का इंतजार कर रहा था।”

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का बयान: “महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास”

लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास हो चुका है और इसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। मेघवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे कुल सीटें करीब 815 तक पहुंच सकती हैं। इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा और सभी राज्यों की वर्तमान ताकत (सीटों की संख्या) बरकरार रहेगी।

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