अठारहवीं लोक सभा का सातवां सत्र 2026: पूर्ण सारांश
नई दिल्ली। अठारहवीं लोक सभा का सातवां सत्र 28 जनवरी, 2026 को शुरू हुआ और आज संपन्न हो गया। इस सत्र के दौरान कुल 31 बैठकें आयोजित हुईं, जिनकी अवधि लगभग 151 घंटे 42 मिनट रही। सत्र की कार्य-उत्पादकता 93% दर्ज की गई।
प्रमुख घटनाएँ और चर्चाएँ
- राष्ट्रपति का अभिभाषण: भारत की राष्ट्रपति ने 28 जनवरी, 2026 को दोनों सदनों के संयुक्त सदस्यों को संबोधित किया। अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा 2 घंटे 46 मिनट तक चली।
- केंद्रीय बजट 2026-27: वित्त मंत्री ने 1 फरवरी, 2026 को बजट प्रस्तुत किया। सामान्य चर्चा लगभग 13 घंटे चली, जिसमें 63 सदस्यों ने भाग लिया।
- अनुदान मांगों पर चर्चा: चयनित मंत्रालयों/विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा 16 से 18 मार्च, 2026 तक हुई। इसके बाद सदन द्वारा अनुदान पारित किया गया।
- विधेयक पारित: सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 9 विधेयक पारित किए गए। प्रमुख विधेयक:
- औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026
- उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026
- वित्त विधेयक, 2026
- दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026
- आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026
- जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026
- संविधान और अन्य महत्वपूर्ण विधेयक: संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026; संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026; और परिसीमन विधेयक, 2026 पर 16-17 अप्रैल, 2026 को चर्चा हुई, जिसमें 131 सदस्यों ने भाग लिया। संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हुआ।
अन्य उल्लेखनीय घटनाएँ
- प्रधानमंत्री का वक्तव्य: 23 मार्च, 2026 को प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भारत के सामने चुनौतियों पर बयान दिया।
- संसदीय प्रश्न और शून्य काल: सत्र के दौरान 126 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए और 326 लोक महत्व के मामले शून्य काल में उठाए गए।
- स्थायी समितियों और पत्र: संसदीय स्थायी समितियों द्वारा 73 तिवेदन प्रस्तुत किए गए और 2089 पत्र सभा पटल पर रखे गए।
- विशेष चर्चा: 30 मार्च, 2026 को “वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त करने के प्रयास” विषय पर 6 घंटे 7 मिनट की अल्पकालिक चर्चा हुई, जिसमें 36 सदस्यों ने भाग लिया।
विज्ञान और तकनीकी उपलब्धि
- प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर: 16 अप्रैल, 2026 को अध्यक्षपीठ ने जानकारी दी कि भारत का 500 मेगावाट का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर पहली बार ‘क्रिटिकैलिटी’ प्राप्त करने में सफल हुआ।
भाषाई विविधता
- सत्र के दौरान सदस्यों ने 18 भारतीय भाषाओं में 181 वक्तव्य दिए और उनका सफलतापूर्वक अनुवाद किया गया।

