बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बड़े चेहरे और दिलचस्प मुकाबले को जानिए

bangal election

डेस्क। बंगाल के विधानसभा चुनाव में इस बार कई बड़े और प्रभावशाली नेता मैदान में हैं, जिन पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है। आइए जानते हैं कौन-कौन हैं बड़े चेहरे।

ममता बनर्जी:
राज्य की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं और उनकी अगुवाई में पार्टी सत्ता बचाने की कोशिश कर रही है।

शुभेंदु अधिकारी:
भाजपा के प्रमुख नेता शुभेंदु अधिकारी इस बार दो सीटों—नंदीग्राम और भवानीपुर—से चुनाव लड़ रहे हैं। नंदीग्राम सीट, जहां 2021 में उनकी ऐतिहासिक जीत हुई थी, इस बार भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यहां उनका मुकाबला टीएमसी के पबित्रा कर से है, जो कभी उनके करीबी सहयोगी रह चुके हैं।

अधीर रंजन चौधरी:
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पांच बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी, 2024 लोकसभा चुनाव में हार के बाद अब बहरामपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के मौजूदा विधायक सुब्रत मैत्रा से है।

दिलीप घोष:
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष खड़गपुर सदर सीट से वापसी की कोशिश कर रहे हैं। यहां उनका सीधा मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है, जिन्होंने 2019 उपचुनाव में जीत हासिल की थी।

अग्निमित्रा पॉल:
भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल आसनसोल दक्षिण सीट से अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए चुनाव लड़ रही हैं। उनके सामने टीएमसी के वरिष्ठ नेता तापस बनर्जी हैं।

निशीथ प्रमाणिक:
पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक इस बार अपनी पारंपरिक दिनहाटा सीट छोड़कर माथाभांगा से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला टीएमसी के सब्लू बर्मन से है।

उदयन गुहा:
टीएमसी के मंत्री उदयन गुहा दिनहाटा सीट पर पार्टी का वर्चस्व बनाए रखने के लिए मैदान में हैं।

हुमायूं कबीर:
पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर अब अपनी नई पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के साथ डोमकल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

जाकिर हुसैन:
‘बीड़ी किंग’ के नाम से मशहूर जाकिर हुसैन जंगीपुर सीट से टीएमसी के उम्मीदवार हैं। करीब 133 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के साथ वह इस चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवारों में शामिल हैं।

कृष्णा कल्याणी:
रायगंज सीट से टीएमसी उम्मीदवार कृष्णा कल्याणी, जिन्होंने 2024 में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी, अब पार्टी बदलकर मैदान में हैं। उनका मुकाबला भाजपा के कौशिक चौधरी से है।

सुब्रत दत्ता:
ओन्दा सीट से टीएमसी उम्मीदवार सुब्रत दत्ता पर सबसे अधिक आपराधिक मामलों का आरोप है, जिससे यह सीट भी चर्चा में बनी हुई है।


अन्य हॉट सीट्स और चुनावी मुद्दे

बालुरघाट, दार्जिलिंग, जंगीपुर और ओन्दा जैसी सीटों पर भी कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। यहां सीमावर्ती मुद्दे, गोरखालैंड की मांग, और आपराधिक व आर्थिक प्रभाव वाले उम्मीदवार चुनाव को और जटिल बना रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *