नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) को शुक्रवार को बड़ा सियासी झटका लगा, जब पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने एक साथ पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान किया। प्रेस वार्ता के दौरान राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ कुल सात सांसद भाजपा में शामिल हो रहे हैं, जिससे राज्यसभा में AAP का भाजपा में विलय हो गया है।
“15 साल दिए, पार्टी भटक गई”
नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने अपनी युवावस्था के 15 साल AAP को दिए, लेकिन अब पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब राष्ट्रीय हित के बजाय निजी स्वार्थों के लिए काम कर रही है।
“मैं सही आदमी, लेकिन गलत पार्टी में”
चड्ढा ने कहा कि उन्हें लंबे समय से यह महसूस हो रहा था कि वह सही व्यक्ति हैं, लेकिन गलत पार्टी में हैं। उन्होंने दोहराया कि इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है और अब वह जनता के बीच जाएंगे।
किन सांसदों ने छोड़ा AAP का साथ
मीडिया के सवाल पर चड्ढा ने बताया कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से अधिक उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित सांसदों ने हस्ताक्षरित पत्र राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए हैं।
उनके अनुसार, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल भी इस समूह में शामिल हैं।
BJP में स्वागत, नितिन नवीन ने खिलाई मिठाई
इस्तीफे के बाद सभी सांसद भाजपा के डीडीयू मार्ग स्थित राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनका स्वागत किया और मिठाई खिलाई।
AAP की प्रतिक्रिया: “ऑपरेशन लोटस”
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए AAP सांसद संजय सिंह ने इसे “ऑपरेशन लोटस” करार दिया। वहीं, पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पंजाब और पंजाबी समाज के साथ अन्याय किया है।

