रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी तेजी से प्रगति कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वर्ष 2026 और 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे देश की मजबूत अर्थव्यवस्था, प्रभावी आर्थिक नीतियों और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता का प्रमाण बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में नया भारत आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास गति दुनिया के लिए उदाहरण बन रही है।
वैश्विक विकास दर से आगे भारत की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमएफ के अनुमान के अनुसार, वर्ष 2026 में वैश्विक आर्थिक विकास दर 3.1 प्रतिशत रहने की संभावना है, जबकि भारत की विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह अंतर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती, निरंतर विकास और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में आर्थिक सुधारों, अधोसंरचना में निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार, विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन और उद्यमिता के अनुकूल वातावरण तैयार करने जैसे प्रयासों ने देश की आर्थिक प्रगति को नई गति दी है। भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ विश्व की आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
विकसित भारत @2047 के संकल्प को मिल रही मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक प्रगति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में छत्तीसगढ़ भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य सरकार ‘विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़’ के ध्येय के अनुरूप प्रदेश में निवेश, उद्योग, अधोसंरचना, रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आर्थिक विकास को गति मिलेगी और प्रदेश के युवाओं, किसानों, उद्यमियों तथा आम नागरिकों के लिए प्रगति के नए अवसर सृजित होंगे।

