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छग में शहरी पात्र लोगों को भी अब मिलेंगे आवास

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए सर्वेक्षण शुरू

रायपुर। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इसके अंतर्गत ऐसे शहरी पात्र परिवार जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में आवास नहीं मिल पाए थे, उन्हें पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए भी प्रदेश में सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इसके अंतर्गत ऐसे शहरी पात्र परिवार जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में आवास नहीं मिल पाए थे, उन्हें पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास हेतु आवेदन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। आवास के आवेदन सरलतापूर्वक ऑनलाइन माध्यम से भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल पर स्वयं हितग्राही द्वारा दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी 189 अधिसूचित नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के माध्यम से भी आवेदन की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में कुल दो लाख 49 हजार 166 आवास स्वीकृत हैं। इनमें लाभार्थियों द्वारा अपनी खुद की भूमि पर बनाए जाने वाले दो लाख 11 हजार 069 और किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत बनने वाले 38 हजार 097 आवास शामिल हैं। शहरी गरीबों के स्वयं के पक्के मकान का सपना जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा तेजी से इन आवासों का निर्माण किया जा रहा है। योजना के तहत राज्य में अब तक कुल एक लाख 96 हजार 967 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं, जिनमें से एक लाख 74 हजार 967 आवास हितग्राहियों द्वारा बनाए गए हैं। वहीं किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत 21 हजार 600 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश के नगरीय निकायों में अभी कुल 48 हजार 346 आवासों का काम प्रगति पर है, जिन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने बताया कि बीते 11 महीनों में योजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति में अच्छी तेजी आई है। सभी नगरीय निकायों में बनाए जा रहे आवासों और निर्माण एजेंसियों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है और उन्हें गरीबों के आशियाने के सपने को जल्द पूरा करने के लिए तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों के दौरान हर माह औसतन हितग्राहियों द्वारा अपनी खुद की भूमि में बनाए जा रहे 4002 मकानों के काम पूर्ण किए गए हैं, जबकि वर्ष 2018 से 2023 के बीच यह औसत केवल 1592 थी। योजना के साथ भागीदारी में बनाए जा रहे किफायती आवासीय परियोजनाओं के निर्माण और आबंटन में भी तेजी लाते हुए विगत 11 महीनों में 7348 परिवारों को आवास आबंटित कर 5855 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में व्यवस्थापित किया गया है।