भाजपा के लिए राजनीति सत्ता का साधन नहीं, विचारधारा के विस्तार और जनसेवा का माध्यम है: पाण्डेय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा है कि भाजपा में नए पदाधिकारियों के निर्वाचन और नियुक्ति के बाद उन्हें पार्टी की कार्यशैली से अवगत कराना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। पार्टी हर स्तर पर पदाधिकारियों को चुस्त-दुरुस्त और प्रशिक्षित करने के लिए निरंतर कार्यशालाएँ आयोजित करती है। इन प्रशिक्षणों का मुख्य उद्देश्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवाद के विचारों और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के संकल्प को बूथ स्तर तक ले जाना है। इन प्रशिक्षण कार्यशालाओं में कार्यकर्ताओं को बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक कैसे प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए? श्री पाण्डेय सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

भाजपा मुख्य प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि भाजपा के लिए राजनीति केवल सत्ता का साधन नहीं, बल्कि विचारधारा के विस्तार और जनसेवा का माध्यम है। मिशन 2028 और चुनावी तैयारियों को लेकर श्री पाण्डेय ने कहा कि भाजपा एक जीवंत संगठन है। हमारे यहाँ एक चुनाव संपन्न होने के अगले ही दिन से आगामी चुनाव की तैयारी शुरू हो जाती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा केवल युद्ध काल में ही सक्रिय नहीं रहती, बल्कि हम शांति काल में भी युद्ध (संगठनात्मक समर) की पूरी तैयारी रखते हैं। बलरामपुर की घटना के परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार कर श्री पाण्डेय ने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ इस मामले की जाँच कर रहे हैं। कांग्रेस हर मामले में ओछी राजनीति करने की आदी है। भूपेश बघेल के शासनकाल में हुई अराजकता को जनता भूली नहीं है। सूरजपुर, कोण्डागांव और गरियाबंद जैसी घटनाओं में कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे। कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए। श्री पाण्डेय ने विश्वास जताया कि संगठन की मजबूती और सरकार की विकासपरक नीतियों के कारण भाजपा का आधार छत्तीसगढ़ में और अधिक विस्तार लेगा।

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