रायपुर। प्रस्तावित डिजिटल जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण और नई पहल के रूप में सामने आई है। Registrar General and Census Commissioner of India के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य देश के लिए सटीक और विश्वसनीय सामाजिक-आर्थिक आंकड़े जुटाना है, जो आने वाले वर्षों में नीतियों और विकास योजनाओं की नींव बनेंगे।
इस प्रक्रिया के तहत नागरिक अब खुद अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। इसके बाद परिवार का मुखिया आवास की स्थिति, पेयजल स्रोत, ऊर्जा के साधन और परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी जैसे नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा और व्यवसाय से संबंधित विवरण भरता है।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक डिजिटल संदर्भ संख्या (CRN) जारी की जाती है, जिसे भविष्य में सत्यापन के समय प्रगणकों को दिखाना होता है। इससे डेटा मिलान की प्रक्रिया तेज और सटीक बनती है।
Government of Chhattisgarh ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्यभर में बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। हजारों प्रगणक और पर्यवेक्षक डिजिटल उपकरणों के जरिए डेटा संग्रहण और सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। साथ ही नागरिकों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 भी उपलब्ध कराई गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी जानकारी Census Act 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण व जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
इस संबंध में Dr. Kartikeya Goyal ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस डिजिटल पहल में सक्रिय भागीदारी निभाएं और स्व-गणना की प्रक्रिया को समय पर पूरा करें।

