तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ, एसटीपी प्लांट और राम वनगमन पर्यटन परिपथ से संवरेगी माता शबरी की पावन नगरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण को विकास की बड़ी सौगात देते हुए महानदी पर 63 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नए पुल के निर्माण की घोषणा की। बुधवार को तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने और राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण के विकास की घोषणा भी की। इसके साथ ही शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में सर्वे कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। महानदी पर नए पुल के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और आसपास के गांवों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। एसटीपी प्लांट से नगर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होने के साथ महानदी के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
गौमाता की पूजा और महानदी की महाआरती कर मांगा आशीर्वाद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ गौमाता की पूजा की और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में शामिल होकर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता शबरी की इस पावन धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और विकास को साथ लेकर विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसानों, महिलाओं और गरीब परिवारों के कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तेजी से धरातल पर उतार रही है। प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें लगभग साढ़े 11 लाख आवास पूरे हो चुके हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार और विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम-जनमन के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। वहीं, तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण के विकास से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
बस्तर में विकास और सुशासन को मिल रही नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना और अग्रणी बस्तर अभियान के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। बस्तर में 421 बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। सरकार का लक्ष्य पूरे प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास को स्थायी आधार देना है।
उन्होंने सुशासन की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सेवा सेतु पोर्टल पर 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। लगभग छह हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र भी प्रारंभ किए जा चुके हैं।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने शिवरीनारायण की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता बताते हुए जल संरक्षण में जनभागीदारी की अपील की। सांसद कमलेश जांगड़े ने भी नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण तथा वर्षा जल संचय पर जोर दिया।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े, कौशल्या देवी साय, नारायण चंदेल, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

