अमित शाह ने लॉन्च किया FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड, विदेशी चंदे की निगरानी होगी मजबूत

The Union Minister for Home Affairs and Cooperation, Shri Amit Shah launched the FCRA 2.0 Portal and the e-OCI Card, in New Delhi on June 30, 2026.

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI (Electronic Overseas Citizen of India) कार्ड का शुभारंभ किया। सरकार का कहना है कि दोनों डिजिटल पहल नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने, प्रक्रियाओं को आसान बनाने और पारदर्शिता व सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम हैं।

कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘Minimum Government, Maximum Governance’ की दिशा में कदम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Minimum Government, Maximum Governance” के विजन के अनुरूप सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति, पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग से ईमानदार नागरिकों के लिए सरकारी प्रक्रियाएं आसान होती हैं, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी निगरानी संभव होती है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले एफसीआरए की व्यवस्था कागजी प्रक्रियाओं में उलझी हुई थी, लेकिन पिछले वर्षों में इसे लगातार आधुनिक बनाया गया है। अब FCRA 2.0 पोर्टल संगठनों के लिए प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के साथ विदेशी अंशदान की रियल-टाइम निगरानी भी सुनिश्चित करेगा।

FCRA 2.0 पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं

गृह मंत्रालय के अनुसार नया FCRA 2.0 पोर्टल विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के तहत सभी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाता है।

नई प्रणाली की प्रमुख सुविधाएं:

  • आवेदन, नवीनीकरण और वार्षिक रिटर्न की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन।
  • ई-साइन आधारित प्रमाणीकरण।
  • OCR (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) आधारित दस्तावेज सत्यापन।
  • आधार, पैन, OCI, NGO दर्पण, ICAI-UDIN और बैंकिंग सिस्टम से एकीकृत व्यवस्था।
  • नेशनल गवर्नमेंट क्लाउड ‘मेघराज’ पर सुरक्षित डेटा होस्टिंग।
  • एकीकृत लॉगिन डैशबोर्ड के माध्यम से सभी सेवाओं की निगरानी।

सरकार के अनुसार देश में वर्तमान में करीब 14,500 सक्रिय FCRA पंजीकृत संगठन हैं। हर वर्ष लगभग 15,000 से 20,000 आवेदन तथा करीब 17,000 वार्षिक विवरणियां प्राप्त होती हैं। ऐसे में नई डिजिटल प्रणाली से आवेदन निपटान की गति और निगरानी दोनों बेहतर होंगी।

जल्द आएंगे मोबाइल ऐप और AI चैटबॉट

अमित शाह ने बताया कि अगले कुछ महीनों में FCRA प्रणाली को और आधुनिक बनाया जाएगा। इसके तहत:

  • FCRA मोबाइल एप
  • AI आधारित चैटबॉट
  • बैंकों के लिए समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्ड

भी शुरू किए जाएंगे, जिससे उपयोगकर्ताओं को और अधिक सुविधा मिलेगी।

e-OCI कार्ड से 50 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

गृह मंत्री ने e-OCI कार्ड को प्रवासी भारतीयों के लिए बड़ी सुविधा बताते हुए कहा कि इससे दुनिया भर में रहने वाले 50 लाख से अधिक OCI कार्डधारकों को लाभ मिलेगा।

नई डिजिटल व्यवस्था के तहत:

  • पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
  • स्वीकृति के बाद डिजिटल OCI कार्ड डाउनलोड किया जा सकेगा।
  • अधिकांश मामलों में नए आवेदन या भौतिक सत्यापन की जरूरत नहीं होगी।
  • दस्तावेज खोने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या समाप्त होगी।
  • डिजिटल सत्यापन के जरिए आव्रजन (Immigration) प्रक्रिया तेज होगी।

20 साल के बाद पासपोर्ट बदलने पर नहीं बनवानी होगी नई OCI बुकलेट

नई व्यवस्था के तहत 20 वर्ष की आयु के बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर OCI बुकलेट दोबारा जारी कराने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, कार्डधारकों को नया पासपोर्ट बनने के बाद उसके विवरण ऑनलाइन अपडेट करने होंगे।

इसके अलावा प्रत्येक OCI कार्डधारक को यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिससे पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और सरल होगी।

सरकार को भी मिलेगा बड़ा फायदा

गृह मंत्रालय के अनुसार दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रशासनिक खर्च कम होगा, कागजी कार्यवाही लगभग समाप्त होगी और डेटा प्रबंधन अधिक सुरक्षित बनेगा। साथ ही विदेशी अंशदान की प्रभावी निगरानी, डिजिटल सत्यापन और रियल-टाइम ट्रैकिंग के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सुशासन को भी मजबूती मिलेगी।

सरकार का कहना है कि FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं, जो नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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