ईंधन-उर्वरक आपूर्ति सामान्य, अफवाहों से बचें: इंडियन ऑयल

रायपुर. पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के मुख्य महाप्रबंधक (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में सभी आवश्यक ईंधनों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और लोगों को किसी भी तरह की अफवाह या ‘पैनिक बुकिंग’ से बचना चाहिए।
रिकॉर्ड आपूर्ति, डिजिटल निगरानी सख्त
अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन करीब 72 हजार एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है। पेट्रोल की आपूर्ति 5,600 किलोलीटर और डीजल 9,800 किलोलीटर प्रतिदिन तक बढ़ा दी गई है, जो सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत अधिक है। राज्य में 5 बॉटलिंग प्लांट और 539 वितरकों का नेटवर्क पूरी क्षमता से कार्यरत है। उन्होंने बताया कि 98 प्रतिशत बुकिंग अब डिजिटल माध्यम से हो रही है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अनिवार्य किया गया है।
419 छापे, 105 एफआईआर दर्ज
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यभर में अब तक 419 छापे मारे गए हैं, जिनमें 3,946 सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 105 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 और जिला स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। प्रवासी श्रमिकों और छात्रों के लिए बिना पते के प्रमाण के 5 किलो के छोटे सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
खरीफ के लिए खाद का पर्याप्त भंडार: शहला निगार
कृषि विभाग की ओर से प्रमुख सचिव शहला निगार ने बताया कि खरीफ-2026 के लिए 15.55 लाख टन उर्वरक की आवश्यकता के मुकाबले 8.72 लाख टन (56 प्रतिशत) का भंडारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मई से एकीकृत किसान पोर्टल और ‘भुईयाँ’ पोर्टल को जोड़कर नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी जमीन के आधार पर अनुशंसित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा सकेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने नागरिकों और किसानों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। राज्य सरकार और तेल कंपनियां स्थिति की नियमित समीक्षा कर रही हैं ताकि आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

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