वॉशिंगटन/बीजिंग: ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक के बाद अमेरिका और चीन के बीच बड़े समझौते
Donald Trump और Xi Jinping के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच हुई अहम बैठक के बाद अमेरिका और चीन ने व्यापार, निवेश और पश्चिम एशिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी आधिकारिक विवरण में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की बात कही गई है।
हालांकि इस पूरे बयान में सबसे अहम रणनीतिक मुद्दे Taiwan का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए बने नए मंच
व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों देशों ने आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए नए संस्थागत ढांचे तैयार करने पर सहमति जताई है। इसके तहत दो नए प्रमुख मंच बनाए जाएंगे —
- यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ ट्रेड
- यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट
इन मंचों का उद्देश्य व्यापार और निवेश से जुड़े मामलों को तेज़ी से आगे बढ़ाना और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करना बताया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी व्यापारिक तनाव कम करने में मदद मिल सकती है।
ईरान और समुद्री व्यापार सुरक्षा पर भी बनी सहमति
बैठक में Iran और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने वैश्विक समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और Strait of Hormuz में स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां किसी भी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
ताइवान मुद्दे पर रणनीतिक चुप्पी
बैठक के बाद जारी बयान में ताइवान का जिक्र नहीं होने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, निजी बातचीत के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान मुद्दे पर अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया।
इसके बावजूद व्हाइट हाउस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इस विषय को शामिल नहीं किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने जानबूझकर इस संवेदनशील मुद्दे को सार्वजनिक बयान से दूर रखा, ताकि दोनों देशों के बीच हालिया सहमति पर नकारात्मक असर न पड़े।

