सक्तीः छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। प्लांट में बॉयलर फटने से अब तक 11 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे हुई, जब प्लांट में नियमित काम चल रहा था। अचानक बॉयलर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर गर्म भाप और मलबे की चपेट में आ गए।
- मौके पर ही कई मजदूरों की मौत
- कई ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा
- कई घायलों की हालत गंभीर
राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों और रायगढ़ रेफर किया गया है।
राहत कार्य अभी भी जारी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
सीएम विष्णुदेव साय का बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि यह हादसा “अत्यंत पीड़ादायक” है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए:
- घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए
- राहत और बचाव कार्य तेज किया जाए
- हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो
सीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
मुआवजे का ऐलान
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को निर्धारित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
इसके साथ ही:
- घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही गई
- श्रम विभाग ने मामले में जांच के आदेश दिए
- एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की तैयारी
हादसे की वजह क्या?
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह बॉयलर की तकनीकी खराबी / ट्यूब फटना बताई जा रही है। हालांकि, अंतिम कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हादसे पर दुख जताते हुए सरकार से मांग की।
- पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा
- घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है।

