रायपुर। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की मांग में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। राज्य के 33 जिलों में से 20 जिलों में ईंधन खपत में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ती मांग के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) राज्यभर में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए समन्वित स्तर पर काम कर रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार, बस्तर जिले में सबसे अधिक 22.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बाद बालोद में 18.8 प्रतिशत और रायपुर में 15.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। वहीं दुर्ग, सूरजपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर और महासमुंद जैसे जिलों में भी ईंधन की मांग में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण ईंधन उपभोग में तेजी आई है। तेल कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में मौसमी जुताई और फसल कटाई गतिविधियों ने डीजल की मांग को बढ़ाया है। इसके अलावा निजी कंपनियों की तुलना में मूल्य अंतर होने से उपभोक्ताओं का रुझान सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ा है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के रायपुर मंडल कार्यालय के मंडलीय खुदरा विक्रय प्रमुख एवं राज्य स्तरीय समन्वयक नितिन चव्हाण ने कहा कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सभी जिलों में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
कंपनियों के मुताबिक, संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा खुदरा नेटवर्क के माध्यम से ईंधन खरीद में वृद्धि भी मांग बढ़ने का एक बड़ा कारण है। राज्यभर में संचालित टर्मिनल, डिपो, पाइपलाइन, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और रिटेल आउटलेट पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।
तेल कंपनियों ने बताया कि आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने के लिए परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन इकाइयों और चयनित खुदरा केंद्रों को 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य प्रशासन के साथ लगातार समन्वय कर सभी जिलों में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
तेल विपणन कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक ईंधन खरीद से बचें। कंपनियों का कहना है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।

