नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख बनने के बाद पहली बार जनरल धीरज सेठ ने पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने चीन सहित अन्य सीमाओं की सुरक्षा में तैनात सेना की ईस्टर्न कमांड की ऑपरेशनल तैयारियों और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
दो दिवसीय दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने अग्रिम और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों का निरीक्षण किया तथा जवानों और कमांडरों से बातचीत कर मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने बुधवार को त्रिशक्ति कोर मुख्यालय और ट्रिनिटी एरिया का दौरा कर सैन्य तैयारियों का आकलन किया।
त्रिशक्ति कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने सेना प्रमुख को क्षेत्र की ऑपरेशनल स्थिति, सैनिक तैनाती, निगरानी व्यवस्था और मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जनरल धीरज सेठ ने तकनीक के इस्तेमाल, सैन्य क्षमता बढ़ाने और फोर्स मॉडर्नाइजेशन से जुड़ी पहलों की भी समीक्षा की।
सेनाध्यक्ष ने बेंगडुबी मिलिट्री स्टेशन का दौरा कर क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने स्पीयर कोर की तैयारियों का मूल्यांकन किया और बदलते सुरक्षा माहौल, इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन तथा युद्धक क्षमता को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
जनरल धीरज सेठ ने उत्तर-पूर्व में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। कमांडरों और जवानों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने विजन में शामिल सतर्कता, नवाचार, संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और योद्धा प्रथम जैसे सिद्धांतों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ये सिद्धांत भारतीय सेना को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए अधिक सक्षम, आधुनिक और प्रभावी बनाएंगे। सेना प्रमुख ने कठिन परिस्थितियों में तैनात जवानों के अनुशासन, मनोबल और ऑपरेशनल उत्कृष्टता की सराहना की।
उन्होंने सेना, अन्य सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल को बदलते सुरक्षा माहौल में बेहद जरूरी बताया। जनरल धीरज सेठ ने कहा कि समन्वय और संयुक्त प्रयासों के माध्यम से ही देश की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।

