नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति के तहत बड़ा कदम उठाते हुए 23 और व्यक्तियों को गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आतंकी नेटवर्क को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी नागरिक और 6 भारतीय नागरिक शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि ये सभी वर्तमान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) से भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ये आतंकी प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं और आतंकी हमलों की साजिश, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकवाद के लिए फंड जुटाने, भर्ती अभियान चलाने और आतंकी संगठनों को सहायता पहुंचाने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
गृह मंत्रालय का मानना है कि इन व्यक्तियों को UAPA की धारा-35 के तहत आतंकवादी घोषित किए जाने से उनके वित्तीय नेटवर्क, भर्ती तंत्र और आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी एवं जांच संबंधी कार्रवाई करने में भी मजबूती मिलेगी।
सरकार के अनुसार, वर्ष 2019 में UAPA संशोधन के बाद अब तक कुल 57 व्यक्तियों को अधिनियम की चौथी अनुसूची में आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। ताजा सूची में शामिल 23 नए नामों के साथ सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
केंद्र सरकार ने कहा कि भारत की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

