रायपुर। नकटी गांव के 85 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण और रायपुर शहर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को 13 किलोमीटर लंबी ‘न्याय पदयात्रा’ निकाली गई। पदयात्रा नकटी गांव से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए राजभवन (लोक भवन) पहुंची।
पदयात्रा को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री (संगठन) मलकीत सिंह गेंदू भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं और प्रभावित परिवारों ने नकटी गांव में ही सम्मानजनक पुनर्वास तथा मकान तोड़े जाने से हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।
दीपक बैज ने कहा कि नकटी के 85 गरीब परिवारों के साथ अन्याय हुआ है और कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के सिर से छत छीनना अमानवीय कदम है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजभवन पहुंचने पर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के अध्यक्ष राजेंद्र (पप्पू) बंजारे, रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन सहित 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल प्रभावित परिवारों के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचा। कांग्रेस का दावा है कि पूर्व में दो बार समय मांगने के बावजूद मुलाकात नहीं हो सकी और बुधवार को भी प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से भेंट नहीं हो पाई। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने राजभवन के बाहर धरना दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने तीन दिनों के भीतर राज्यपाल से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
कांग्रेस ने कहा कि इससे पहले भी कलेक्टर कार्यालय घेराव, मुख्यमंत्री निवास मार्च और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग सहित कई चरणों में आंदोलन किए जा चुके हैं। पार्टी की मांग है कि नकटी गांव में उपलब्ध भूमि पर सभी 85 प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जाए और प्रत्येक परिवार को 2,000 वर्गफीट भूमि के साथ उचित मुआवजा दिया जाए।

