छत्तीसगढ़ में सेवा की अनूठी मिसाल: 1000 से अधिक महिलाओं ने एक दिन में किया रक्तदान, गोल्डन बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

रायपुर। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में बुधवार को सेवा, स्वास्थ्य और जनभागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं द्वारा रक्तदान करने की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने के साथ उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकती है। उन्होंने रक्तदान, देहदान और अंगदान के लिए आगे आए नागरिकों के सेवा भाव की सराहना की।

3600 से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीयन

रक्तदान महाकुंभ में 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान के लिए पंजीयन कराया था। रक्तदान के लिए करीब 200 बेड की व्यवस्था की गई थी। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। 1000 से अधिक महिलाओं के एक दिन में रक्तदान की उपलब्धि का प्रमाणपत्र और मेडल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को प्रदान किया।

प्रोजेक्ट दधीचि में 31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प

कार्यक्रम में प्रोजेक्ट दधीचि के तहत 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया। इनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी शामिल रहे। बताया गया कि प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत अब तक 103 लोग देहदान का संकल्प ले चुके हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है।

आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की धरोहर

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को देश और दुनिया में नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ प्रदेश में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी कलेक्शन

सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए बुक, टॉय और स्टेशनरी कलेक्शन की पहल भी की गई। कार्यक्रम स्थल पर इसके लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का अर्थ समाज की जरूरत के अनुसार संवेदनशीलता के साथ सहयोग करना है।

स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार मजबूत की जा रही है। जगदलपुर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एलोपैथी के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार प्रदेश में चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। रायपुर में एनआईटी के सामने 100 बिस्तरीय नया आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में भी आयुर्वेदिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण जारी है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक एवं पद्मश्री अनुज शर्मा, विधायक प्रबोध मिंज सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

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