‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम : सीएम विष्णु देव साय

अभनपुर में स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू के साथ मुख्यमंत्री ने सुनी ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और नवाचारों का किया उल्लेख

रायपुर, 25 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों के साथ आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री समाज, पर्यावरण, संस्कृति, नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सामान्य नागरिकों के असाधारण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने आज रायपुर जिले के अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एवं सिद्धार्थ शंभू के साथ ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रस्तुत प्रेरक कहानियां देशवासियों को समाज और राष्ट्र के लिए कुछ नया करने की प्रेरणा देती हैं।

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, खेल प्रतिभाओं, जल संरक्षण, पोषण और नवाचारों से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से स्थान दिया है।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने बस्तर की खेल प्रतिभाओं और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा बस्तर आज अपनी युवा प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत के जरिए नई पहचान बना रहा है।

जल संरक्षण और पोषण के प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभिनव ‘पांच प्रतिशत मॉडल’ की सराहना की है। इस मॉडल के तहत किसान अपनी भूमि के पांच प्रतिशत हिस्से में तालाब बनाकर वर्षा जल का संचय करते हैं। इससे सिंचाई की सुविधा बढ़ने के साथ भूजल संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलता है।

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक मल्हार के ताम्रपत्रों और ‘हर घर मुनगा’ जैसे पोषण संबंधी प्रयासों का उल्लेख छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करता है।

स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने का संदेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में कार्यक्रम की 12 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए देशवासियों के परिश्रम, सेवा और समर्पण की सराहना की।

इस कड़ी में पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी के जरिए महिला सशक्तिकरण, उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनर्जीवन, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और खादी की बढ़ती लोकप्रियता जैसे प्रेरक प्रयासों पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री ने त्योहारों के अवसर पर स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान भी किया। इसके साथ ही ई-संजीवनी, आधुनिक अनुसंधान, युवाओं के डीप-टेक स्टार्टअप, श्रीअन्न की खेती और अंगदान के महत्व को रेखांकित किया।

विकसित भारत के लिए जनभागीदारी जरूरी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘मन की बात’ ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, नवाचार और जनसेवा को जन-जन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री के विचार लोगों को अपने आसपास हो रहे सकारात्मक कार्यों से प्रेरणा लेने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ और देश विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।

इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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