गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किया गया, पेराई सत्र 2025-26 के 31,022 किसानों को मिलेगा लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए राज्य सरकार ने गन्ना बोनस की गणना का आधार बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय से पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश के चार सहकारी शक्कर कारखानों को गन्ना आपूर्ति करने वाले 31,022 किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपये का बोनस मिलेगा। इससे किसानों को अपनी खेती की लागत और आगामी फसल की तैयारी में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने इस निर्णय पर प्रदेश के गन्ना किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सहकारिता मंत्री ने कहा कि बोनस की गणना का आधार बढ़ने से किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
355 से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल हुआ आधार
राज्य सरकार ने गन्ना बोनस की गणना के लिए निर्धारित आधार राशि को 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 329.05 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित आधार के रूप में लिया गया है। नई गणना के अनुसार 425 रुपये में से एफआरपी घटाने पर किसानों को 95.95 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय का लाभ प्रदेश के चारों सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को मिलेगा। बोनस की बढ़ी हुई राशि से किसानों को कृषि संबंधी खर्चों को पूरा करने और अगली फसल की तैयारी करने में आर्थिक सहायता मिलेगी।
किस शक्कर कारखाने के किसानों को कितना मिलेगा बोनस?
प्रदेश के चार सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को मिलने वाली बोनस राशि का विवरण इस प्रकार है:
- भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा: 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपये।
- सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया: 8,049 किसानों को लगभग 11.68 करोड़ रुपये।
- महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता: 7,250 किसानों को लगभग 11.35 करोड़ रुपये।
- दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद: 762 किसानों को लगभग 3.52 करोड़ रुपये।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना बोनस में वृद्धि से सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा और प्रदेश में गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
राज्य सरकार के इस निर्णय से पेराई सत्र 2025-26 के दौरान गन्ना आपूर्ति करने वाले हजारों किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है। बोनस के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का उद्देश्य उनकी खेती को मजबूत करना और कृषि कार्यों में निवेश की क्षमता बढ़ाना है।

