रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की पहल पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कुल 700 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
इन पदों में 625 सहायक प्राध्यापक, 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारी के पद शामिल हैं। विभाग ने इन पदों के लिए विषयवार रिक्तियों और आरक्षण रोस्टर का निर्धारण कर लिया है और पूरी जानकारी Chhattisgarh Public Service Commission को भेज दी गई है।
विभिन्न विषयों में होगी भर्ती
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार सहायक प्राध्यापक के लिए कई विषयों में पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- हिन्दी – 50 पद
- अंग्रेजी – 50 पद
- समाजशास्त्र – 50 पद
- राजनीति शास्त्र – 50 पद
- भौतिक शास्त्र – 50 पद
- गणित – 50 पद
- रसायन शास्त्र – 50 पद
- वनस्पति शास्त्र – 50 पद
- प्राणीशास्त्र – 50 पद
इसके अलावा अन्य विषयों में भी पद निर्धारित किए गए हैं:
- अर्थशास्त्र – 25 पद
- इतिहास – 25 पद
- भूगोल – 25 पद
- कम्प्यूटर एप्लीकेशन – 15 पद
- वाणिज्य – 75 पद
- विधि – 10 पद
इसके साथ ही 25 क्रीड़ा अधिकारी और 50 ग्रंथपाल के पदों पर भी भर्ती की जाएगी।
CGPSC को भेजा गया प्रस्ताव
उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या और परीक्षा का पाठ्यक्रम Chhattisgarh Public Service Commission को भेज दिया है। आयोग द्वारा प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जल्द ही भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जाएगा।
कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए व्यवस्था
राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है।
अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएचडी, नेट और सेट जैसी परीक्षाओं में योग्य हैं और वर्तमान समय में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। यह व्यवस्था National Education Policy 2020 के अनुरूप शिक्षण प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने में भी मदद कर रही है।
उच्च शिक्षा को मिलेगा मजबूत आधार
इन 700 पदों पर नियुक्ति होने से छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और विद्यार्थियों को बेहतर गुणवत्ता वाली उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

