छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणनाः बस्तर के प्रगणक ने दुर्गम क्षेत्र में रचा इतिहास

chhattisragh sensus 2027
  • पहले ही दिन तोकापाल के ‘गाटम’ गांव में कार्य पूर्ण, रायपुर में ड्यूटी से गायब 44 कर्मचारियों को नोटिस जारी

रायपुर। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting and Housing Census)—का फील्ड कार्य छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों में शुक्रवार से आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। इस राष्ट्रव्यापी महाभियान के सफल संचालन हेतु राज्य में 51,300 प्रगणक (Enumerators) एवं 9,000 पर्यवेक्षक (Supervisors) नियुक्त किए गये हैं, जो 30 मई तक घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य संपन्न करेंगे।

बस्तर की मिसाल: दुर्गम क्षेत्र ‘गाटम’ में पहले ही दिन कार्य पूर्ण

जनगणना कार्य के प्रथम दिवस ही बस्तर जिले के तोकापाल तहसील स्थित अत्यंत दुर्गम क्षेत्र के ग्राम ‘गाटम’ से एक उत्साहजनक खबर आई। यहाँ के प्रगणक ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन ग्राम का कार्य पूर्ण कर लिया। प्रगणक की इस उपलब्धि ने प्रशासनिक स्तर पर न केवल प्रशंसा बटोरी है, बल्कि पूरे राज्य के फील्ड कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह का संचार किया है। जनगणना निदेशालय ने इसे राष्ट्र सेवा के प्रति एक उत्कृष्ट मिसाल बताया है।

सख्त रुख: ड्यूटी से नदारद 44 कर्मियों पर गाज
एक ओर जहाँ निष्ठा की मिसाल पेश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन सख्त है। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनगणना ड्यूटी में लगाए गए 44 कर्मचारी कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें नगर निगम आयुक्त द्वारा तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। संबंधित प्रशासन द्वारा इन कर्मियों के विरुद्ध ‘जनगणना अधिनियम 1948’ एवं ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम’ के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इंकार करना इस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

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