काठमांडू। कैलाश मानसरोवर यात्रा सीजन शुरू होते ही नेपाल के हुम्ला जिले में तीर्थयात्रियों की भारी आमद देखने को मिल रही है। हुम्ला जिला मुख्यालय सिमकोट भारतीय श्रद्धालुओं से पूरी तरह गुलजार हो गया है। यात्रियों की बढ़ती संख्या से स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय, हेलीकॉप्टर सेवाओं और श्रमिकों को भरपूर रोजगार मिल रहा है।
हुम्ला हवाई अड्डा प्रमुख महेंद्र बहादुर सिंह के अनुसार तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए तारा एयर और सीता एयर ने नेपालगंज में अतिरिक्त विमान तैनात किए हैं। वहीं, हेलीकॉप्टर कंपनियों ने भी अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हेलीकॉप्टर संचालन शुरू कर दिया है।
नागरिक उड्डयन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक केवल गुरुवार को सिमकोट हवाई अड्डे पर दोनों दिशाओं में कुल 170 उड़ानों का संचालन किया गया। इनमें नेपालगंज से सिमकोट के लिए 29 विमान उड़ानें तथा सिमकोट से चीन सीमा के निकट स्थित हिल्सा के लिए 56 हेलीकॉप्टर उड़ानें शामिल रहीं।
हुम्ला के प्रमुख जिला अधिकारी टेक प्रसाद रेगमी ने बताया कि पूरे क्षेत्र में भारतीय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुबह साढ़े छह बजे से ही उड़ान संचालन शुरू हो जाता है, जिससे यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।
जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होने के पिछले तीन सप्ताह के दौरान 2,124 भारतीय श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें करीब 1,200 पुरुष और लगभग 900 महिलाएं शामिल हैं।
यात्रा मार्ग के तहत भारतीय श्रद्धालु पहले नेपालगंज पहुंचते हैं। वहां से विमान के जरिए सिमकोट और फिर हेलीकॉप्टर के माध्यम से हिल्सा पहुंचकर चीन सीमा में प्रवेश करते हैं। पर्यटन व्यवसायियों का अनुमान है कि इस वर्ष लगभग 16,000 भारतीय श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाएंगे, जिनकी अग्रिम बुकिंग पहले ही हो चुकी है।
स्थानीय पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या से हुम्ला की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल रहा है और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज हुई हैं।

