नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र के सुचारू संचालन और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 19 जुलाई (रविवार) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से आयोजित यह बैठक सुबह 11 बजे संसद भवन में होगी, जिसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
इस बार की बैठक की खास बात यह है कि हाल ही में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हुई ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) को भी पहली बार सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया गया है। इस नए दल में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आए 20 सांसद शामिल हैं, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत बढ़ गई है।
बैठक के दौरान केंद्र सरकार आगामी मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों और अपने विधायी एजेंडे की जानकारी राजनीतिक दलों के साथ साझा करेगी। साथ ही सरकार सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा करेगी।
दूसरी ओर, विपक्षी दल भी इस बैठक में उन प्रमुख राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों को उठाएंगे, जिन्हें वे मानसून सत्र के दौरान संसद में चर्चा के लिए लाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों से जुड़े विषय, आंतरिक सुरक्षा और अन्य समसामयिक मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति साझा कर सकता है।
सर्वदलीय बैठक का मुख्य उद्देश्य संसद में अनावश्यक गतिरोध से बचना, संवाद और सहमति की भावना को मजबूत करना तथा राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सार्थक और उत्पादक चर्चा सुनिश्चित करना है। सरकार को उम्मीद है कि सभी राजनीतिक दलों के सहयोग से मानसून सत्र शांतिपूर्ण, प्रभावी और परिणामोन्मुख रहेगा।

