मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लॉन्च किया ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान, 15 अगस्त से हर गांव में होंगे विकास कार्य

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान का शुभारंभ करते हुए

रायपुर, 6 अगस्त। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ करते हुए ग्रामीण विकास, महिला सम्मान और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। यह विशेष अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित होगा।

मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।

6,855 करोड़ रुपये से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) – VBG राम जी मिशन के तहत चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और मिशन के माध्यम से करीब 6,855 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसे ग्रामीण रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य का सबसे बड़ा निवेश बताया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार से पहली किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है।

बालिकाओं के लिए बनेंगे 6,671 नए शौचालय

अभियान के तहत ग्रामीण शासकीय स्कूलों में 286.85 करोड़ रुपये की लागत से 6,671 बालिका शौचालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक शौचालय की अनुमानित लागत 4.30 लाख रुपये होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण बालिकाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय

सरकार ने प्रदेश के 6,524 गांवों में 391.44 करोड़ रुपये की लागत से मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय निर्माण का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा 549 अतिरिक्त मुक्तिधामों का भी निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक गरिमा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेगी।

जल संरक्षण पर विशेष फोकस

राज्य सरकार ने 10,027 बंद या डिफंक्ट बोरवेलों को रिचार्ज पिट में बदलने का फैसला लिया है। इस पर 52.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे भूजल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ ही ‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान को भी नई गति मिलेगी।

ग्राम सभा तय करेगी विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन के तहत होने वाले सभी विकास कार्य ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की स्वीकृति से ही तय किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं का क्रियान्वयन होगा।

मजदूरी बढ़कर 300 रुपये प्रतिदिन

मुख्यमंत्री ने बताया कि VBG राम जी मिशन के तहत मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। साथ ही खेती के मौसम में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान भी किया गया है।

318 प्रकार के विकास कार्य होंगे

योजना के तहत कुल 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • जल संरक्षण एवं संवर्धन
  • ग्रामीण सड़क और आधारभूत ढांचा
  • आजीविका संवर्धन
  • जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन

जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

डिजिटल मॉनिटरिंग से होगा पारदर्शी क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के सभी कार्यों की डिजिटल मॉनिटरिंग, समय पर मजदूरी भुगतान, सामाजिक अंकेक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से लोगों तक पहुंचे।


मुख्य बातें (Highlights)

  • 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलेगा ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान।
  • हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय का निर्माण।
  • ग्रामीण स्कूलों में 6,671 बालिका शौचालय बनाए जाएंगे।
  • 10,027 डिफंक्ट बोरवेलों में रिचार्ज पिट का निर्माण।
  • 6,855 करोड़ रुपये से ग्रामीण विकास और रोजगार को बढ़ावा।
  • मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन।
  • विकास कार्य ग्राम सभा की स्वीकृति से होंगे।

FAQ

‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान कब शुरू होगा?

यह अभियान 15 अगस्त 2026 से शुरू होकर 26 जनवरी 2027 तक चलेगा।

अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए शौचालय, हर गांव में मुक्तिधाम, जल संरक्षण और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं का विकास करना।

इस योजना पर कितना खर्च होगा?

मनरेगा और VBG राम जी मिशन के माध्यम से वित्तीय वर्ष में लगभग 6,855 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

योजना के तहत कितने बालिका शौचालय बनेंगे?

ग्रामीण शासकीय स्कूलों में 6,671 नए बालिका शौचालय बनाए जाएंगे।

क्या ग्राम सभा की भूमिका होगी?

हां। सभी विकास कार्य ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की स्वीकृति के बाद ही शुरू किए जाएंगे।

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