कतर से भारत पैसे भेजना हुआ आसान, UPI आधारित पोस्ट ट्रांसफर सेवा शुरू

कतर पोस्ट की UPI आधारित भारत-कतर रेमिटेंस सेवा

नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026। कतर में रहने वाले भारतीयों के लिए भारत पैसे भेजना अब पहले से आसान हो गया है। कतर पोस्ट ने UPI आधारित रेमिटेंस सेवा शुरू की है, जिसके जरिए कतर से भारत में पात्र UPI-सक्षम बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जा सकेंगे।

यह सेवा कतर पोस्ट, इंडिया पोस्ट, यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के इंटरकनेक्शन प्लेटफॉर्म और NPCI International Payments Limited (NIPL) के सहयोग से विकसित की गई है। इसका उद्देश्य कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय को सीमा-पार धन भेजने का आसान, सुविधाजनक और भरोसेमंद माध्यम उपलब्ध कराना है।

15 अगस्त को शुरू हुई भारत-कतर रेमिटेंस सेवा

कतर-भारत रेमिटेंस सेवा 15 अगस्त 2026, यानी भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू की गई। इस मौके पर कतर में भारत के दूतावास के कार्यवाहक राजदूत संदीप कुमार ने दोहा स्थित लुलु मॉल के कतर पोस्ट आउटलेट का दौरा किया और संबंधित हितधारकों से बातचीत की।

इस पहल को भारत और कतर के बीच डिजिटल वित्तीय संपर्क और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कतर पोस्ट आउटलेट से भेज सकेंगे भारत पैसे

नई सेवा के तहत कतर में रहने वाले ग्राहक कतर पोस्ट के किसी भी संबंधित आउटलेट पर जाकर भारत में पैसे भेज सकते हैं। इसके लिए उन्हें भारत में प्राप्तकर्ता की UPI ID और जरूरी पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

पैसे प्राप्त करने वाले व्यक्ति को अपने UPI ऐप के जरिए विदेश से आने वाली धनराशि प्राप्त करने की सुविधा को सक्रिय करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद भेजी गई राशि सीधे लाभार्थी के UPI-सक्षम बैंक खाते में जमा की जाएगी।

कितना पैसा भेज सकेंगे?

कतर पोस्ट की इस रेमिटेंस सेवा के तहत QAR 10 से QAR 4,000 तक की राशि भेजी जा सकेगी। एक लेन-देन के लिए अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये के बराबर रखी गई है।

हर ट्रांजैक्शन पर QAR 15 का फ्लैट सर्विस चार्ज लागू होगा।

भारतीय समुदाय के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सेवा?

कतर में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं, जो नियमित रूप से अपने परिवारों को भारत पैसे भेजते हैं। ऐसे में UPI आधारित यह सेवा उनके लिए रेमिटेंस प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बना सकती है।

इस पहल में डाक नेटवर्क की व्यापक पहुंच को भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI की क्षमता से जोड़ा गया है। इससे सीमा-पार धन प्रेषण को अधिक सहज बनाने के साथ वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत और कतर के बीच शुरू हुई यह नई सेवा भारतीय प्रवासी समुदाय को अपने परिवारों तक पैसे पहुंचाने के लिए एक अतिरिक्त डिजिटल और सुलभ विकल्प उपलब्ध कराती है।

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