- अब पाठकों को मिलेगी छत्तीसगढ़ी और अन्य स्थानीय भाषाओं की जानकारी
- अब तक करीब 13 हज़ार पुस्तकें की जा चुकी है दान
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा एवं सचिव श्रीमती अभिलाषा बेहार ने आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी एवं अन्य स्थानीय भाषाओं की 45 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान की।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
अध्यक्ष श्री मिश्रा ने बताया कि हमारा प्रयास है कि इस योजना के तहत आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी एवं स्थानीय भाषाओं की पुस्तकें पाठकों तक पहुँचे, जिन्हें पढ़कर पाठकों को हमारी पहचान, संस्कृति एवं भाषा के बारे में जानकारी प्राप्त हो। साथ ही उन्होंने कहा कि आयोग का यह प्रयास है कि जो पाठक हमारी संस्कृति के बारे में जानना चाहते हैं उन्हें इस योजना के तहत हमारी पुस्तकें मिल पाएंगी जो उनके लिए काफी मददगार होगी।
सचिव श्रीमती बेहार ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि हमारा यह प्रयास है कि छत्तीसगढ़ी भाषा का प्रशासकीय कार्य में भी उपयोग हो सके, इसके लिए हमने छत्तीसगढ़ विधानसभा के साथ प्रकाशित की गई ऐसी पुस्तकें, जिनमें छत्तीसगढ़ी में प्रशासनिक कार्य व्यवहार कैसे किया जाए, जिला प्रशासन को सौंपी।
उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक लगभग 13 हजार पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक 94060 49000 एवं 94255 02970 से संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

