भुज। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की व्यापक समीक्षा करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, तस्करी, हवाला नेटवर्क, मादक पदार्थों की तस्करी और कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें जिला प्रशासन, राज्य सरकार और विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय भी उतना ही आवश्यक है।
भुज में आयोजित उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सीमा से जुड़े जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा और गुजरात के तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गुजरात में सुरक्षा व्यवस्था में आया बड़ा बदलाव
अमित शाह ने कहा कि बीते वर्षों में बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण गुजरात की सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में घुसपैठ और सीमा पार तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण को बिल्कुल भी बर्दाश्त न किया जाए और उसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कट्टरपंथी गतिविधियों और संदिग्ध नेटवर्क पर निगरानी
गृह मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित कट्टरपंथी गतिविधियों और उनके केंद्रों पर सतत निगरानी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर ऐसे किसी भी नेटवर्क की पहचान और रोकथाम के लिए सक्रिय रहना होगा जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
हर जिले में बनेगा सुरक्षा समन्वय समूह
बैठक में अमित शाह ने निर्देश दिया कि सीमावर्ती जिलों में बहु-एजेंसी सुरक्षा समन्वय समूह गठित किए जाएं। इन समूहों में बीएसएफ, भारतीय तटरक्षक बल, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों, अवैध वित्तीय गतिविधियों और सीमा पार नेटवर्क की निगरानी के लिए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को संयुक्त रूप से कार्य करना होगा।
हवाला, म्यूल अकाउंट और शेल कंपनियों पर फोकस
गृह मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित हवाला नेटवर्क, म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियों, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और असामान्य जीएसटी संग्रहण पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध से जुड़ी एजेंसियों को सीमा क्षेत्रों की गतिविधियों के प्रति अधिक सतर्क रहना होगा।
उन्होंने आयकर विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोग से व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाने की आवश्यकता भी जताई, ताकि अवैध वित्तीय गतिविधियों की समय रहते पहचान की जा सके।
जनसांख्यिकीय बदलावों की होगी नियमित निगरानी
अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग करें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के कारण सीमा क्षेत्रों में बढ़ रहा रिवर्स माइग्रेशन सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा पहलुओं पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
घुसपैठियों, ड्रोन और नार्को नेटवर्क पर विशेष निगरानी
गृह मंत्री ने स्थानीय प्रशासन को प्रत्येक जिले की परिस्थितियों के अनुरूप मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले से बसे अवैध घुसपैठियों की पहचान, ड्रोन गतिविधियों की निगरानी और नार्को नेटवर्क पर कार्रवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई के लिए पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समन्वित रणनीति जरूरी
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा अब केवल भौतिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है। आर्थिक अपराध, अवैध वित्तीय नेटवर्क, साइबर गतिविधियां, ड्रोन तकनीक और कट्टरपंथी नेटवर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।

