हम भारत माता की गोदी में बैठने वाले पत्रकार हैं” — प्रखर श्रीवास्तव
रायपुर। राजधानी रायपुर के विमतारा हॉल में आयोजित देवर्षि नारद जयंती पत्रकार सम्मान समारोह में पत्रकारिता, विचारधारा और डिजिटल मीडिया की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक प्रखर श्रीवास्तव और मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. ओमप्रकाश व्यास ने अपने विचार रखे।
प्रखर श्रीवास्तव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक हिंदुत्व और RSS की विचारधारा के खिलाफ नकारात्मक नैरेटिव बनाया गया।

उन्होंने कहा कि “हम भारत माता की गोदी में बैठने वाले पत्रकार हैं” और मीडिया पर लगाए जाने वाले “गोदी मीडिया” के आरोपों को राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रेरित बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में मीडिया में वैचारिक विविधता पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही है, जबकि पहले राजनीतिक विमर्श सीमित था।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय मीडिया में आज वैचारिक विविधता और बहस पहले की तुलना में अधिक देखने को मिलती है। उन्होंने दूरदर्शन समाचार का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वर्ष 2014 से पहले राजनीतिक विमर्श सीमित था और तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण नहीं किया जाता था।
“डिजिटल युग में फेक न्यूज सबसे बड़ी चुनौती” — डॉ. ओमप्रकाश व्यास

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. ओमप्रकाश व्यास ने डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच फेक न्यूज को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि समाचारों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए संपादकीय संस्थाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जिम्मेदार और तथ्य आधारित पत्रकारिता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
डॉ. व्यास ने कहा कि लोकतंत्र में विश्वसनीय और जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, और इसके लिए मीडिया संस्थानों, पत्रकारों और पाठकों सभी को सजग रहना होगा।
सम्मान समारोह
🔸 प्रशांत शर्मा — देवर्षि नारद पुरस्कार
🔸 आकांक्षा तिवारी — बबन प्रसाद मिश्र पुरस्कार
🔸 रूपेश यादव — रमेश नैयर पुरस्कार

कार्यक्रम के संयोजक एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णादास ने बताया कि यह आयोजन भारतीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों का परिचय प्रफुल्ल पारे ने दिया, संचालन प्रियंका कौशल ने किया और आभार प्रदर्शन कृष्णमुरारी त्रिपाठी ‘अटल’ ने किया।

