अमेरिका-ईरान समझौते पर इस्राइल की आपत्ति, सुरक्षा मामलों में स्वतंत्र निर्णय लेने की कही बात

us israel
राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर बोले- किसी बाहरी समझौते से इस्राइल की नीतियां निर्धारित नहीं होंगी

यरुशलम। अमेरिका और ईरान के बीच हुए कथित शांति समझौते को लेकर इस्राइल ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से तैयार हुआ कोई भी समझौता इस्राइल पर लागू नहीं होता और देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले स्वयं लेने के लिए स्वतंत्र है।

बेन-गवीर ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि इस्राइल इस समझौते का हिस्सा नहीं है, इसलिए यह उस पर किसी भी रूप में बाध्यकारी नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि इस्राइल अमेरिका का सम्मान करता है और राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों की सराहना करता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में अंतिम निर्णय इस्राइली नेतृत्व ही करेगा।

उन्होंने कहा कि इस्राइल एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है तथा अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते या बाहरी दबाव को राष्ट्रीय हितों से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

बेन-गवीर ने यह भी कहा कि अतीत में अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण लिए गए कुछ निर्णयों की कीमत इस्राइल को चुकानी पड़ी है। इसलिए सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर देश किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और क्षेत्रीय तनाव कम करने को लेकर एक प्रारंभिक समझौते की खबरों के बीच यह बयान सामने आया है। इस्राइल की प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि मध्य पूर्व की सुरक्षा और कूटनीतिक परिस्थितियों को लेकर क्षेत्रीय मतभेद अभी भी बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच किसी प्रकार का औपचारिक समझौता आगे बढ़ता है, तो उसका प्रभाव पूरे मध्य पूर्व की सामरिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर पड़ सकता है। ऐसे में इस्राइल का रुख आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति का महत्वपूर्ण पहलू बना रह सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *