लॉरेंस बिश्नोई मामले पर भारत का बयान, अमेरिका और कनाडा के साथ संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग जारी

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बरार के खिलाफ अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए अमेरिका और कनाडा सहित अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है।

साप्ताहिक प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ की गई हालिया अभियोग और प्रवर्तन कार्रवाइयों पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का लगातार यह मानना रहा है कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी और ऐसे आपराधिक नेटवर्क वैश्विक समाज के लिए गंभीर खतरा हैं।

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद तथा संगठित अपराध के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग वर्षों से जारी है और समय के साथ यह और अधिक मजबूत एवं प्रभावी हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने आरसीएमपी के उप आयुक्त की टिप्पणियों पर ध्यान दिया है, जो हाल में सार्वजनिक किए गए अमेरिकी आरोपपत्र के अनुरूप हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने जुलाई 2026 की शुरुआत में ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। आरोपपत्र में हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी तथा वर्ष 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश सहित कई गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं।

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