रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित “एकलव्य संवाद” कार्यक्रम में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों से नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी उल्लेखनीय सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से जनजातीय समाज के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि अवसर, संसाधन और दृढ़ संकल्प मिलने पर प्रतिभा किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खूब पढ़िए, आगे बढ़िए और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाइए।
निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास ही सफलता का मंत्र
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘एकलव्य’ नाम भारतीय इतिहास में समर्पण और साधना का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि एकलव्य की तरह लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें—सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।
उन्होंने संत कबीर के दोहे “गुरु गोविंद दोऊ खड़े…” का उल्लेख करते हुए गुरु के महत्व को रेखांकित किया और विद्यार्थियों से अपने गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन का समाजहित में उपयोग करने का आह्वान किया।
एकलव्य विद्यालय बन रहे जनजातीय युवाओं की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफलता विद्यार्थियों के परिश्रम, अभिभावकों के आशीर्वाद और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम है।
डॉक्टर बनें, लेकिन संवेदनशील भी रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर समाज में अत्यंत सम्माननीय स्थान रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और सहृदय इंसान भी बनें। मरीज के प्रति मधुर व्यवहार और संवेदनशीलता भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे अवसर
एकलव्य संवाद के दौरान विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक विस्तार हुआ है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या एक से बढ़कर 15 हो गई है और पांच नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे संस्थान भी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है, जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलती है। इस वर्ष यहां से 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।
नालंदा परिसर और छात्रवृत्ति से मिल रहा सहारा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 34 नालंदा परिसर स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थी 24×7 अध्ययन कर सकते हैं। साथ ही छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान जैसी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को सहयोग दिया जा रहा है।
हेल्पलाइन 1076: सुशासन की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076” को सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भी अपनी समस्याएं इस माध्यम से साझा करने की सलाह दी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब तेजी से विकास हो रहा है। बंद पड़े विद्यालयों को पुनः शुरू किया जा रहा है और जावंगा एजुकेशन हब की तर्ज पर नए एजुकेशन सिटी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा मिल सके।
जनसेवा ही ऊर्जा का स्रोत
अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा को पूजा मानकर कार्य करना ही उन्हें ऊर्जा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योग, व्यायाम और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा, ज्ञान और संस्कार के बल पर समाज की सेवा करें और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

