नई दिल्ली: किसानों को सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और खेती-किसानी से जुड़ी जरूरी जानकारियां आसानी से उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संशोधित एग्री वेलफेयर पोर्टल का शुभारंभ किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और किसान कल्याण के विजन को आगे बढ़ाने वाली इस पहल का उद्देश्य किसानों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कृषि मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है।
19 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की जानकारी के अनुसार, पोर्टल का शुभारंभ नवरात्रि की नवमी के अवसर पर किया गया। इसके माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, खाद-बीज, फसल बीमा और कृषि से जुड़ी अन्य सुविधाओं की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
मोबाइल पर लाइव रहेगी सरकार: शिवराज सिंह चौहान
पोर्टल के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि सरकार हर समय आम नागरिकों और किसानों के लिए मोबाइल पर उपलब्ध रहे।
उन्होंने कहा कि तकनीक की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ सीधे खेत-खलिहान तक पहुंचे और किसानों का जीवन आसान बने। एग्री वेलफेयर पोर्टल के माध्यम से किसानों को योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और आवेदन करने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों और वेबसाइटों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म किसानों के साथ-साथ किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप्स को भी जोड़ने में मदद करेगा।
एक ही पोर्टल पर मिलेंगी कृषि मंत्रालय की सभी सेवाएं
नए एग्री वेलफेयर पोर्टल का प्रमुख उद्देश्य कृषि मंत्रालय की योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराना है। इससे किसानों को अलग-अलग वेबसाइटों पर जानकारी खोजने में लगने वाला समय और मेहनत कम करने में मदद मिलेगी।
पोर्टल पर किसानों को इन सुविधाओं का लाभ मिलने का लक्ष्य है:
- सरकारी योजनाओं की जानकारी: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की योजनाओं, पात्रता शर्तों और नियमों की जानकारी।
- सब्सिडी और आर्थिक सहायता: विभिन्न सहायता योजनाओं और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से संबंधित विवरण।
- खाद और बीज की जानकारी: खेती के लिए आवश्यक कृषि इनपुट की उपलब्धता से जुड़ी उपयोगी सूचनाएं।
- फसल बीमा और पीएम-किसान: प्रमुख कृषि योजनाओं तक एक साझा डिजिटल प्रवेश-द्वार के माध्यम से पहुंच।
- मौसम और मंडी भाव: मौसम की जानकारी, वैज्ञानिक खेती के तरीके और कृषि उपज के बाजार भाव से संबंधित सूचनाएं।
बिचौलियों पर लगेगी रोक, पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा
एग्री वेलफेयर पोर्टल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक सीधे पहुंचाना और सेवाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
पोर्टल पर ऑनलाइन पात्रता जांच, आवेदन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से जुड़ी सुविधाओं के माध्यम से किसानों को सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहूलियत देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे अनावश्यक भागदौड़ कम करने और बिचौलियों पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, अलग-अलग योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाएं संबंधित योजना की पात्रता और निर्धारित नियमों पर निर्भर करेंगी।
कमजोर इंटरनेट पर भी काम करने के लिए तैयार
ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पोर्टल को मोबाइल-अनुकूल और सरल बनाने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य साधारण स्मार्टफोन और कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी किसानों के लिए इसका इस्तेमाल आसान बनाना है।
PIB के अनुसार, पोर्टल को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के DBIM 3.0 और GIGW 3.0 मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसे सुरक्षित, सुलभ और दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाने पर भी ध्यान दिया गया है।
छोटे और सीमांत किसानों के लिए चलेगा विशेष प्रशिक्षण अभियान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी सटीक, अद्यतन और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी या अधूरी जानकारी से सरकारी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम हो सकता है।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि पोर्टल की भाषा और प्रक्रियाएं इतनी सरल हों कि कम पढ़े-लिखे छोटे और सीमांत किसान भी इसे आसानी से समझ सकें।
किसानों को डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल सिखाने के लिए देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाने की भी बात कही गई है।
पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और फसल बीमा योजनाओं से जुड़ाव
एग्री वेलफेयर पोर्टल को पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी प्रमुख पहलों के लिए साझा प्रवेश-द्वार के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि योजनाओं और डिजिटल सेवाओं तक पहुंचने के लिए एक केंद्रीकृत मंच उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतीश चंद्रा, अतिरिक्त सचिव प्रमोद मेहरदा तथा मंत्रालय, डिजिटल कृषि प्रभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

