बलरामपुर-रामानुजगंज को जल्द मिलेगी बायपास की सौगात
रायपुर, 11 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर और रामानुजगंज शहरों को जल्द ही बायपास की सौगात मिल सकती है। आदिम जाति विकास मंत्री एवं रामानुजगंज विधायक रामविचार नेताम ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 पर दोनों शहरों के लिए 4-लेन बायपास निर्माण की मांग रखी।
मंत्री रामविचार नेताम ने केंद्रीय मंत्री को दोनों शहरों में बढ़ते यातायात दबाव, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका और अंतर्राज्यीय व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए बायपास निर्माण की आवश्यकता से अवगत कराया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मांगों पर सकारात्मक सहमति जताते हुए शीघ्र स्वीकृति की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जल्द DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ता है NH-343
अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय मार्ग है। इस मार्ग पर यात्री बसों, छोटे-बड़े व्यावसायिक वाहनों, भारी मालवाहकों और आम नागरिकों का लगातार आवागमन होता है। प्रशासनिक एवं विशिष्टजनों का आवागमन भी इसी मार्ग से होता है।
मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि बलरामपुर जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के शहरी हिस्से में स्थित है। शहर के दोनों ओर घनी व्यावसायिक और आवासीय बसाहट होने के कारण छोटे वाहनों से लेकर भारी मालवाहकों तक का आवागमन शहर के भीतर से होता है। इसके चलते आए दिन यातायात जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
बलरामपुर में करीब 10 किलोमीटर का 4-लेन बायपास
केंद्रीय मंत्री के समक्ष बलरामपुर शहर के लिए लगभग 10 किलोमीटर लंबे 4-लेन बायपास को स्वीकृति देने का आग्रह किया गया। प्रस्तावित बायपास बनने से भारी वाहनों को शहर के बाहर से आवागमन का वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे शहर के भीतर यातायात दबाव कम होने के साथ सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
बायपास के निर्माण से स्थानीय नागरिकों को भी सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही शहर के भीतर जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
रामानुजगंज में 8 किलोमीटर 4-लेन बायपास की मांग
रामानुजगंज शहर के लिए भी लगभग 8 किलोमीटर लंबे 4-लेन बायपास की मांग केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी गई। रामानुजगंज छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय आवागमन का महत्वपूर्ण केंद्र है।
शहर के भीतर स्कूली बच्चों, स्थानीय नागरिकों, शासकीय एवं निजी वाहनों के साथ भारी व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों का आवागमन होता है। लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए बायपास को शहर की सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंतर्राज्यीय व्यापार और परिवहन को मिलेगी गति
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए बलरामपुर और रामानुजगंज के शहरी क्षेत्रों में यातायात संबंधी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे में समय रहते बायपास का निर्माण करना यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नगरीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि दोनों शहरों में बायपास बनने से केवल यातायात व्यवस्था ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन को भी गति मिलेगी। भारी वाहनों को शहरों से बाहर सुगम मार्ग मिलने से परिवहन समय और शहरी यातायात दबाव में कमी आएगी।
इसके अलावा व्यवस्थित नगरीय विकास, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और राजस्व वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
NH-343 कॉरिडोर के तहत पहले से जारी है निर्माण कार्य
मंत्री रामविचार नेताम ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि NH-343 के कॉरिडोर योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य के लिए क्रमशः 397.44 करोड़ रुपये और 199.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति पहले ही प्रदान की जा चुकी है तथा संबंधित निर्माण कार्य प्रगतिरत है।
उन्होंने इसी क्रम में बलरामपुर और रामानुजगंज के शहरी हिस्सों में बायपास निर्माण को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री द्वारा DPR तैयार करने के निर्देश दिए जाने से दोनों प्रस्तावों के आगे बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है।
मुख्य बिंदु:
- बलरामपुर में करीब 10 किमी लंबा 4-लेन बायपास प्रस्तावित।
- रामानुजगंज में करीब 8 किमी लंबा 4-लेन बायपास प्रस्तावित।
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने DPR तैयार करने अधिकारियों को दिए निर्देश।
- NH-343 छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।
- बायपास से यातायात दबाव और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद।
- छत्तीसगढ़-झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय व्यापार और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा।

