रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाने का आरोप लगाया है। रविवार को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के संयुक्त बयान से कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने संयुक्त वक्तव्य में स्पष्ट किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सहित प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में आयोग में मतभेद होने के कांग्रेस के दावों पर सवाल उठता है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
साय ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक दलों को तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया और SIR से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर न्यायालय में भी सुनवाई हुई है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व से अपने आरोपों को लेकर देश और चुनाव आयोग से माफी मांगने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने ईवीएम को लेकर कांग्रेस के पूर्व में उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता चुनाव हारने के बाद चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, जबकि इसी प्रक्रिया के जरिए कांग्रेस के सांसद और विधायक भी निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर प्रक्रिया को सही और हारने पर गलत बताना उचित नहीं है।
साय ने राहुल गांधी के विदेश दौरों के दौरान भारत की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि इससे देश की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास बनाए रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद कांग्रेस को अपने आरोपों पर पुनर्विचार करना चाहिए। पत्रकार वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

