रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। नवा रायपुर के एसआईआरडी परिसर में आयोजित जिला पंचायत सीईओ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि सशक्त गांव ही विकसित छत्तीसगढ़ का आधार बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना भेदभाव पहुंचे। उन्होंने “विकसित भारत जी राम जी योजना”, “लखपति दीदी”, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी जब हर ग्रामीण विकास प्रक्रिया में सहभागी बने।
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण, कृषि, पशुपालन और स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थायी विकास के लिए वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन अनिवार्य है। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने की सख्त हिदायत दी।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए विष्णुदेव साय ने बताया कि राज्य में 10.40 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और अब उन्हें करोड़पति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं को स्व-सहायता समूह, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और पीएम आवास सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।

