रायपुर। छत्तीसगढ़ को खेल हब के रूप में विकसित करने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों और प्रशिक्षकों को नई सोच और विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय जरूरी है।
उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग के खेल आयोजनों में सक्रिय भागीदारी कर कम उम्र की प्रतिभाओं की पहचान करने पर जोर दिया। साथ ही इन प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में यशवंत कुमार और तनुजा सलाम सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री ने हर जिले में सभी खेलों के संघ गठित करने और उनका पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी पर जोर दिया। साथ ही राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की प्रोफाइल तैयार कर उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाने को कहा।
उन्होंने खेल अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी लाने और खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। स्कूलों में प्रतिदिन खेल का एक पीरियड सुनिश्चित करने और गांव स्तर पर खेलों का माहौल बनाने पर भी जोर दिया।
छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच के साथ काम करें: अरुण साव
