रायपुर/गरियाबंद। राज्यपाल रमेन डेका ने गरियाबंद जिले में जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संवर्धन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए नियमित क्षेत्र भ्रमण करें और योजनाओं की जमीनी स्थिति का लगातार आकलन करें।
राज्यपाल ने लोकभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, जैविक खेती, टीबी उन्मूलन, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में राज्यपाल ने गोद ग्राम बिजली में जल संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए सभी शासकीय भवनों और प्रधानमंत्री आवासों में जनभागीदारी के माध्यम से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा पुराने डबरियों, चेक डैमों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं मरम्मत को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
राज्यपाल ने रेत के अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण और वैज्ञानिक खनन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे नदियों की प्राकृतिक संरचना सुरक्षित रहेगी और भूजल स्तर में सुधार होगा। उन्होंने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलेभर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए राज्यपाल ने किसानों को प्राकृतिक खेती और हाइड्रोपोनिक्स तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित वस्तुओं में वैल्यू एडिशन बढ़ाने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को रसायनमुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही उद्यानिकी और रबी फसलों के विस्तार पर भी जोर दिया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में राज्यपाल ने जिले में पायलट प्रोजेक्ट संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की समीक्षा करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार पर बल दिया। साथ ही मुक्तिधामों में आवश्यक सुविधाओं के विकास और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नवाचारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
बैठक में राज्यपाल ने लखपति दीदियों की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने मल्टीपल डिजीज से पीड़ित मरीजों के समुचित उपचार तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

