नई दिल्ली। SEMICON India 2026 के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा और भविष्य की तैयारियों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना आसान काम नहीं है। दुनिया के जिन देशों में यह इकोसिस्टम विकसित हुआ है, वहां इसे तैयार होने में दशकों का समय लगा है। इसके बावजूद भारत ने कम समय में चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इक्विपमेंट, मैटेरियल और टेस्टिंग जैसी पूरी वैल्यू चेन पर एक साथ काम किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में ‘टेप आउट’ वह चरण है, जब चिप का डिजाइन पूरा होने के बाद वह उत्पादन के लिए जाती है। लेकिन टेप आउट के बाद काम रुकता नहीं, बल्कि उसी दिन अगले वर्जन पर काम शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत भी अब इसी तरह सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है।
पीएम मोदी ने बताया कि India Semiconductor Mission 2.0 के तहत मिशन का वित्तीय आकार पहले चरण के करीब 8 अरब डॉलर से बढ़ाकर 13.5 अरब डॉलर किया गया है। अब तक 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और अगले चरण में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने नीतियों, फंडिंग और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में सुधार किए हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय स्टार्टअप, इंडियन डिजाइन कंपनियों और OCI-owned कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकें।
फैबलेस कंपनियों और IP निर्माण पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में फैबलेस कंपनियों की ग्रोथ और देश में ही इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के निर्माण को बढ़ावा देना जरूरी है। कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स, सिलिकॉन फोटोनिक्स और AI-enabled इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने इक्विपमेंट, केमिकल, गैस और मैटेरियल क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों से भारत में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का प्रयास है कि सेमीकंडक्टर का पूरा इकोसिस्टम एक साथ विकसित हो और इसके लिए डिमांड पाइपलाइन भी तैयार की जा रही है।
1 लाख इंजीनियरिंग छात्रों को ट्रेनिंग का लक्ष्य
पीएम मोदी ने भारत के युवा इंजीनियरिंग टैलेंट को सेमीकंडक्टर क्षेत्र की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देश में हजारों इंजीनियरिंग कॉलेज हैं और हर साल बड़ी संख्या में इंजीनियर तैयार होते हैं।
सरकार ने एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक 70 हजार से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। उन्होंने इसे सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए भारत के बड़े टैलेंट पूल के रूप में रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत से भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार में साझेदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत ने इसके लिए आवश्यक आधार तैयार कर लिया है और अब डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, रिसर्च और टैलेंट तक पूरे इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

